love shayari uski mohabbat ne hii sikhaya

Love Shayari उसकी मोहब्बत ने ही सिखाया

उसकी मोहब्बत ने ही सिखाया है मुझे

I LOVE YOU

कहना

वरना हमें तो स्कूल में A , B , C , D भी नहीं आती थी ||

love shayari jindgi adhuri lagti hai

Love Shayari ज़िन्दगी अधूरी लगती है

ज़िन्दगी अधूरी लगती है बिन तेरे

कुछ कमी सी है मेरी रूह में बिन तेरे

आ जाओ अब ज़िन्दगी में मेरे

कहीं राहें छूट ना जाये बिन तेरे ||

love shayari dil ke pass aapka ghar

Love Shayari दिल के पास आप का घर

दिल के पास आप का घर बना लिया

ख्वाबो में अपने अब आप को बसा लिया

मत पूछो कितना चाहते है हम आप को

आपकी हर खता को अपना मुकद्दर बना लिया ||

love shayari teri khushiyoun par

Love Shayari तेरी खुशियों पर मुस्कराने को

तेरी खुशियों पर मुस्कराने को जी चाहता है

हो तुझे दर्द तो उदास होने को जी चाहता है

तेरी मुस्कराहट ही इतनी प्यारी है की

तुझे बार – बार हँसाने को जी चाहता है ||

sad love shayari din hua hai toh raat

Sad Love Shayari दिन हुआ है तो रात भी होगी

दिन हुआ है तो रात भी होगी

हो मत उदास, कभी बात भी होगी

इतने प्यार से दोस्ती की है

ज़िन्दगी रही तो मुलाक़ात भी होगी ||

love shayari dil se dil ki bas

Love Shayari दिल से दिल की बस यही दुआ है

दिल से दिल की बस यही दुआ है

आज फिर हमको कुछ हुआ है

शाम ढलते ही आती है याद आपकी

लगता है प्यार आप से ही हुआ है ||

Sad Shayari तुम इस हाले दिल की कदर

तुम इस हाले दिल की कदर क्या जानोगी

तुमने कभी आग में उतर कर नहीं देखा

कुछ हंसी मज़ाक कर ली होगी मोहब्बत के नाम पर

तुम्हे देख कर लगता है तुमने इश्क़ नहीं देखा ||

hindi poems mukammal kitab hun

Hindi Poems मुक्कमल किताब हूँ

मुक्कमल किताब हूँ

तेरी ही अल्फ़ाज़ हूँ

अधूरा सा खुआब हूँ

पर लाजवाब हूँ

सपनो में जो आई थी

बस जरा सा मुस्कुराई थी

ये देख दिल खुशगवार हुआ

फिर मिलने का जिंदगी भर इंतज़ार हुआ

बे इख़्तेयार प्यार हुआ

न मेरा इज़हार हुआ

न उसका इंकार हुआ

फिर महबूब मेराज हुआ

सारी मोहब्बत एक राज़ हुआ

फिर ये मुकम्मल किताब हुआ ||

Written by:-

Meraj Ibn Sami

Miss You Shayari वो वक़्त और था वो बात

वो वक़्त और था वो बात और थी
वो दिन दुसरे थे वो रात और थी

मस्ती भरी पवन थी मदमस्त फूल थे
हर तरफ नूर था हर तरफ मौज थी

वो दिन दुसरे थे वो रात और थी
लेकर उसे चमन में हम घुमते रहते थे

जिस दिन न मिले वो हम ढूँढ़ते रहते थे
उस वक़्त वो उसकी तलाश और थी

वो दिन दुसरे थे वो रात और थी ||

Love Shayari नज़रे चुराने की ज़रूरत नहीं

नज़रे चुराने की ज़रूरत नहीं

हम हर रुख की बात जानते हैं

तुम जुबां से कुछ कहो न कहो

हम तुम्हारे दिल की बात जानते हैं ||