hindi poems mukammal kitab hun

Hindi Poems मुक्कमल किताब हूँ

मुक्कमल किताब हूँ

तेरी ही अल्फ़ाज़ हूँ

अधूरा सा खुआब हूँ

पर लाजवाब हूँ

सपनो में जो आई थी

बस जरा सा मुस्कुराई थी

ये देख दिल खुशगवार हुआ

फिर मिलने का जिंदगी भर इंतज़ार हुआ

बे इख़्तेयार प्यार हुआ

न मेरा इज़हार हुआ

न उसका इंकार हुआ

फिर महबूब मेराज हुआ

सारी मोहब्बत एक राज़ हुआ

फिर ये मुकम्मल किताब हुआ ||

Written by:-

Meraj Ibn Sami

Hindi Poems मेरी मोहब्बत

मेरी मोहब्बत

उस पर ही बरसेंगी, जो मेरा दिल जीतेगी
अपने अभिमान से ज्यादा अपनों को सम्मान देगी

हर हाल में साथ और दुविधा में भी होसला बढ़ा देगी
मेरी गलती पर नाराज़ होगी फिर गुस्से में मुस्करा देगी

मेरी मोहब्बत उस पर ही बरसेंगी जो मेरा दिल जीतेगी
ना आंधी ना बरसात में काम होगा, मेरा जो विश्वास उस पर होगा

नादान भले होगी वो पर अपनी बाते मुझे समझा देगी
समझेगी मेरे हालात को और फिर उसमे जो मेरा साथ देगी

उदास होगी और फिर हस्ते हुए मुझे भी रूला देगी
कुछ ऐसी होगी वो जो मेरा जीवन भर साथ देगी

मेरे दिलो दिमाग में जो रहेगी और मेरी ज़िन्दगी में जो खुराफात करेगी
दोस्तों ऐसी होगी तुम्हारी भाभी जो तुमको कभी भैया तो कभी देवर कहेगी

ऐसी होगी मेरा दिल जीतेगी और जिसपे, मेरी मोहब्बत बरसेगी ||

Friendship Shayari कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए

कोई जब राह न पाए, मेरे संग आए
के पग-पग दीप जलाए
मेरी दोस्ती मेरा प्यार

जीवन का यही है दस्तूर
प्यार बिना अकेला मजबूर
दोस्ती को माने तो सब दुख दूर
कोई काहे ठोकर खाए
मेरे संग आए

दोनो के हैं, रूप हज़ार
पर मेरी सुने जो संसार
दोस्ती है भाई, तो बहना है प्यार
कोई मत चैन चुराए
मेरे संग आए

प्यार का है, प्यार ही नाम
कहीं मीरा, कहीं घनश्याम
दोस्ती का यारो नहीं कोई दाम
कोइ कहीं दूर ना जाए
मेरे संग आए ||

Hindi Poems बा -मुश्किल मिली है आज़ादी

बा -मुश्किल मिली है आज़ादी, ज़रा संभल के रहिये
पहना दे बेड़िया फिर से न कोई, ज़रा संभल के रहिये
ज़र्रे ज़र्रे में मिला है खून शहीदों का वतन वालो
ऐसी ज़मीने हिंद को न घूरे कोई, ज़रा संभल के रहिये
खिसका देते हैं पडोसी कुछ नाग हमारे घर में भी
हमें फन उनका भी कुचलना है, ज़रा संभल कर रहिये
डटे हैं जांबाज़ सीमा पर आँखें लगाये दुश्मनों पर
घर के अंदर भी हैं दुश्मन हमारे, ज़रा संभल कर रहिये
लहराता रहे तिरंगा अज़ीमो शान से हर तरफ
उठे न कोई बदनज़र उस पर कभी, ज़रा संभल कर रहिये ||

Facebook Shayari किसी को आज़माने में

किसी को आज़माने में, कितना वक़्त लगता है

उल्फ़त भरी जिन्दगी जीनी पड़ती है

मौत को आने में कितना वक़्त लगता है

जिसकी जिन्दगी बीत जाती है इज्ज़त कमाने में

उस इज्ज़त को गवाँने में कितना वक़्त लगता है

यूँ तो उम्र भर का तक़ाज़ा हो जाता है बालों का सफेद होने में

मगर उसे रंगाने में कितना वक़्त लगता है

किसी रंगोली को बनाने में घण्टों लग जाते है

मगर उसे मिटा जाने में कितना वक़्त लगता है

यूँ दिल की बगिया में सुन्दर फूल देख खिलते हैं

उसे तोड़ जाने में कितना वक़्त लगता है ||

Dosti Shayari किसी की आँखों मे मोहब्बत

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा

किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा

और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा

ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा

जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल
पर उम्मीद है कि दूसरी और ज़िन्दगी का कोई ओर ही किनारा होगा ||

Facebook Shayari जभी मिलती है inbox पे

जभी मिलती है inbox पे कुछ कहने से डरती है वो
कब आउंगा में online इस इंतज़ार में रहती है वो

बड़ी ही सरीफ है बात बात पे शर्माती है वो
गुस्सा न हो जाऊं कहीं हर बात पे sorry बोलती है वो

मेरे लिऐ आज भी थोड़ा सा वक्त खर्च करती है वो
google पर आकर आज भी मुझे सर्च करती है वो ||

love shayari wo mohabbate jo tumhare dil me hain

Love Shayari वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में है

वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में है

उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो

आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ

हम बस सुनें ऐसा बे -ज़ुबान कर दो

आ जाओ के ऐसा टूट कर चाहूँ तुम्हें

हमारी मोहब्बत को मोहब्बत का निशान कर दो

अपने दिल में इस तरह छुपा लो मुझ को

राहों हमेशा इसमें इससे मेरा जहाँ कर दो ||