hindi poems mukammal kitab hun

Hindi Poems मुक्कमल किताब हूँ

मुक्कमल किताब हूँ

तेरी ही अल्फ़ाज़ हूँ

अधूरा सा खुआब हूँ

पर लाजवाब हूँ

सपनो में जो आई थी

बस जरा सा मुस्कुराई थी

ये देख दिल खुशगवार हुआ

फिर मिलने का जिंदगी भर इंतज़ार हुआ

बे इख़्तेयार प्यार हुआ

न मेरा इज़हार हुआ

न उसका इंकार हुआ

फिर महबूब मेराज हुआ

सारी मोहब्बत एक राज़ हुआ

फिर ये मुकम्मल किताब हुआ ||

Written by:-

Meraj Ibn Sami

Facebook Shayari किसी को आज़माने में

किसी को आज़माने में, कितना वक़्त लगता है

उल्फ़त भरी जिन्दगी जीनी पड़ती है

मौत को आने में कितना वक़्त लगता है

जिसकी जिन्दगी बीत जाती है इज्ज़त कमाने में

उस इज्ज़त को गवाँने में कितना वक़्त लगता है

यूँ तो उम्र भर का तक़ाज़ा हो जाता है बालों का सफेद होने में

मगर उसे रंगाने में कितना वक़्त लगता है

किसी रंगोली को बनाने में घण्टों लग जाते है

मगर उसे मिटा जाने में कितना वक़्त लगता है

यूँ दिल की बगिया में सुन्दर फूल देख खिलते हैं

उसे तोड़ जाने में कितना वक़्त लगता है ||

Hindi Ghazals लोगों ने भी मोहब्बत का मज़ाक बना दिया

लोगों ने भी मोहब्बत का मज़ाक बना दिया
किसी ने गुड़ को चीनी तो चीनी का बताशा बना दिया
छुपा दी असलियत उसकी लोगों ने ना जाने क्यूँ
उन्होंने तो दिल को खेलने का खिलौना बना दिया

लगाए है मुखौटे ऐसे लोगों ने कि
पहचान ना सके कोई तो मुखौटा भी मनमोहक बना दिया
निभाएँ है रिश्तें कुछ इस कदर कि
अपनों को गैर और ग़ैरों को अपना बना दिया
मतलब की दुनिया में पैसे की कद्र होती है
जिन्दा इन्सान को यहाँ लोगों ने लाश बना दिया ||

Dosti Shayari किसी की आँखों मे मोहब्बत

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा

किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा

और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा

ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा

जानता हूँ अकेला हूँ फिलहाल
पर उम्मीद है कि दूसरी और ज़िन्दगी का कोई ओर ही किनारा होगा ||

love shayari wo mohabbate jo tumhare dil me hain

Love Shayari वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में है

वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में है

उससे जुबां पर लाओ और बयां कर दो

आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ

हम बस सुनें ऐसा बे -ज़ुबान कर दो

आ जाओ के ऐसा टूट कर चाहूँ तुम्हें

हमारी मोहब्बत को मोहब्बत का निशान कर दो

अपने दिल में इस तरह छुपा लो मुझ को

राहों हमेशा इसमें इससे मेरा जहाँ कर दो ||